Sunday, May 6, 2018

Bata shoes success story in hindi Tomas bata biography motivational artical

आइये चलिए आज हम bata कम्पनी की सक्सेज स्टोरी के बारे में। तो कहानी की सुरवात  होती है।
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1894 से जब चेकोस्लोवाकिया के शहर जलीन में टॉमस बाटा ने अपने भाई एंटोनिन। और बहन ऐना के साथ मिलकर जुते बनाने की सुरुवात की। और इस कम्पनी में उन्होंने 10 employ भी रखे। हालंकि टॉमस  का यह काम नया बिलकुल भी नहीं था। क्योकि उनकी पीढ़ी मोची का काम करती चली आ रही थी। लेकिन वह अपने इस हुनर को बड़े लेबल पर रिस्क आजमाने का काम सिर्फ टॉमस बाटा ने लिया। लेकिन दोस्तों किसी काम की सुरुवात अक्सर अपने साथ ढेरो सारी मुश्किले लेकर है। और यही वाकया बाटा परिवार के साथ हुआ। जब कम्पनी को स्टेब्लिश करने के अगले ही साल टॉमस को पैसो की कमी का सामना करना पड़ा। और कर्ज में डूबे टॉमस ने लेदर के बजाय कैनवास के जूते बनाने का फैसला किया। लेकिन उनके इस फैसले से एक नया आईडिया को जन्म दिया। और कैनवास सस्ते होने की वजह से उनके बनाये हुए जूते जल्दी से पॉपुलर होने लगे। इसके बाद कम्पनी की ग्रोथ बढ़ती चली गयी। कुछ साल बाद,1904 में टॉमस अमेरिका गए।  और वो यह सिख कर आये की वहा पर एक साथ ढेरो सारे जूते कैसे बनाये जाते है। और कौन सा तरीका अपनाया जाता है। और उस टेकनिक को अपनाते हुए। अपनी प्रोडक्शन कई गुना ज्यादा कर ली। फिर उन्होंने ऑफिसियल लोगो के लिए बाटोक् नामक जूता बनाया। और इस जुते ने कम्पनी की ग्रोथ को काफी बढ़ा दिया। लेकिन आगे चलकर टॉमस के भाई एंटोनी की मृत्यु हो गयी। और उनकी बहन भी शादी करके चली गयी। जिससे वे बिलकुल अकेले पड़ गए। लेकिन टॉमस बिना रुके चलते रहने वालो में से एक थे। उन्होंने अपने छोटे भाइयो को  में शामिल कर लिया। और किसी भी प्रॉब्लम को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। और साल 1912 आते आते बाटा के एम्प्लॉय की संख्या 600 से ज्यादा हो चुकी थी। और, 1914 में पहला वर्ल्ड वॉर शुरू हुआ। तो क्वालिटी कम्फर्ट पहचाने जाने वाली  इस कम्पनी को सेना के जुते बनाने का बहोत बड़ा ऑर्डर मिला। और ,1918 तक चली इस वर्ल्ड वॉर के दौरान ऑर्डर्स को टाइम पर पूरा करने के लिए। बाटा कम्पनी के एम्प्लोयी को 10 गुना बढ़ा दिया गया। और  कम्पनी ने बहुत सहरो में अपने स्टोर भी खोल लिए। लेकिन टॉमस बाटा के साथ अब तक सही  रहा था। लेकिन वर्ल्ड वॉर ख़त्म होते ही। जबरदस्त मंदी का दौर आया, जो बाटा  कम्पनी के लिए भी बहोत बड़ी मुसीबत लेके आया। लेकिन इस बार भी टॉमस ने हर बार की तरह इस बार भी बहोत अच्छे से संभाला। और कम्पनी के लिए  एक रिस्की फैसला लिया। उन्होंने बाटा के सभी जूतों को आधे दाम कर दिया। 50% और कम्पनी के वर्कर ने बखूबी से साथ निभाया। और अपनी तनख्वाह 40 % तक की कटौती करवा दी। और बहुत ही जल्द हॉफ रेट की रिस्क और टीम वर्कर ने ऐसा कमाल कर दिखाया जिस टाइम में सारी कम्पनिया बिजनेश बंद करने की कगार  थी। वही बाटा  शू कम्पनी को सस्ते और कफर्टेबल जूते बनाने की ढेरो आर्डर  लगे। बस  यहां से टामस और उनकी कम्पनी बाटा ने कभी भी पीछे मुड़कर नहीं देखा। और धीरे धीरे दुनिया की सबसे बड़ी शूज ब्रांड गयी। और बाटा  के स्टोर पूरी दुनिया में 5000 से भी ज्यादा हो गयी। इस कम्पनी  हेड  ऑफिस स्विट्जरलैंड में है। 

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Author:

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम है विशाल कुमार है और मैं इतिहास और रहस्य में बहुत ही रुचि रखता हूं और मेरी उम्र 24 साल है और मैं ब्लॉगिंग की शुरुआत 2018 से की उसके बाद मैं हर रहस्यो के बारे में नॉलेज लेता गया और मैन सोच क्यों न आपको भी हर रहस्यो के बारे में जानकारी दु और फिर मैंने हिंन्दी में ब्लॉग बनाया और फिर आप तक इसी के माध्यम से जानकारी पहुँचाता हूँ । मैं सोच रहा हूँ की सबको रहस्यो ,दुनिया की स्टोरी,के बारे में सबको हिंन्दी में जानकारी मिलें और आप सभी हर रहस्य और हर एक चीज के बारे में पता हो.

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