Thursday, February 21, 2019

Breaking news akhir kyo rbi nhi chapti dher sare note jisase desh ki garibi khatam ho jaye

आखिर क्यों RBI नहीं छापती ढेर सारे नोट जिससे देश की गरीबी खत्म हो जाए

आखिर क्यों RBI नहीं छापती ढेर सारे नोट जिससे देश की गरीबी खत्म हो जाए
आखिर क्यों RBI नहीं छापती ढेर सारे नोट जिससे देश की गरीबी खत्म हो जाए

क्या आपने कभी सोचा है की क्यों भारत बहुत सारे पैसे नहीं छापती? जबकि भारत के पास पैसे छापने की मशीन भी है। आखिर क्यों RBI ढेर सारे नोट नहीं छाप देती ताकि देश से गरीबी दूर हो जाए और सब धनी हो जाएं? तो दोस्तों इस सवाल का जवाब जानने के लिए इस पोस्ट को पूरा पढ़े।




सरकार क्यों नहीं छापती बहुत सारे पैसे
इस बात को समझने के लिए सबसे पहले आपको ये समझना होगा की पैसों की कोई मूल्य नहीं होता, मूल्य उस पैसे के द्वारा ख़रीदे जाने वाली वस्तु की होती है। पैसा मात्र एक कागज़ का टुकड़ा होता है जो विनिमय प्रणाली को आसान बनाता है। पैसे की कोई वैल्यू नहीं होती, वैल्यू उस पैसे के द्वारा ख़रीदे जाने वाले सामान, वस्तु या सेवाओं की होती है। अगर किसी देश में किसी भी तरह की वस्तु या सामन ही न हो तो वहां पैसे का क्या काम।

इसे इस उदहारण से समझिए -

मान लीजिये एक देश है जहां सिर्फ 10 किलो चावल ही उगाया जाता है और कुछ नहीं। साथ ही ये भी मान लीजिये की इस देश में सिर्फ 10 लोग ही रहते है तो प्रत्येक व्यक्ति को 1-1 किलो चावल ही मिलेगा। अब मान लीजिये की इस देश में 100 रूपए छापे गए और प्रत्येक व्यक्ति को 10-10 रूपए मिले। तो अब एक किलो चावल का दाम 10 रूपए होगा।



अब कुछ दिनों के बाद इस देश ने 1000 रूपए छाप दिए, तो इसके बाद क्या होगा जो चावल पहले 10 रूपए प्रति किलो बिक रहा था वो अब 100 रूपए प्रति किलो बिकना शुरू हो जाएगा, जिसकी वजह से पैसे की वैल्यू कम होती जाएगी। अगर किसी देश में कुछ पैदा ही ना हो, कुछ बने ही नहीं तो पैसे की कोई कीमत ही नहीं रहेगी। यानी सरकार जितना ज्यादा नोट छापेगी उतनी ज्यादा महंगाई बढ़ेगी और इसी को हम मुद्रा-स्फीति भी कहते है।

अगर हमारा देश बहुत सारा अनगिनत नोट छापने लगा तो देश के सारे लोग अमीर हो जाएंगे लेकिन बस नाम के, और ये भी हो सकता है की हमें एक किलो प्याज के लिए 1 लाख तक देना पड़े। ऐसा हम इसलिए बोल रहे है क्यूंकि ऐसा बहुत सारे देशों के साथ हो चूका है। अभी हाल ही में अफ्रीकन देश जिम्बाव्वे में इस तरह का संकट हुआ था जहां एक किलो टमाटर खरीदने के लिए लोगों को एक लाख तक चुकाना पड़ रहा था।



बस इसी वजह से कोई भी सरकार अनगिनत नोट नहीं छापती। इसीलिए हमेशा बातें होती हैं मेक इन इंडिया की, व्यापार की, उद्योग स्थापित करने की, जिससे ज्यादा से ज्यादा सामान बन सके। उसी हिसाब से पैसे की कीमत बढ़ेगी और जितने ज्यादा लोग काम करेंगे, उतना ज्यादा सामान बनेगा। उतना ही पैसा सबके पास पहुंचेगा जिससे देश का विकास होगा।

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Author:

Hello friends My name is Vishal Kumar and I am very interested in history and mystery and I am 24 years old and I started blogging since 2018 and after that I took knowledge about every mystery and I wondered why Also, the information about every mystery is misery, and then I created blogs in Hindi and English, and then convey information through this to you. I am thinking that everyone knows about the mystery, the world's story, all about Hindi and English and you know all about every secret and everything.

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