Wednesday, February 6, 2019

भारत का वीर पुत्र पृथ्वीराज चौहान जिन्होंने सबसे यह बात छुपाई थी


भारत में कई ऐसे महान राजा पैदा हुए जिन्होंने मुगलों का जीना हराम कर रखा था।
भारत का वीर पुत्र पृथ्वीराज चौहान जिन्होंने सबसे यह बात छुपाई थी
भारत का वीर पुत्र पृथ्वीराज चौहान जिन्होंने सबसे यह बात छुपाई थी

जिनको आज भी सम्मान के साथ उन लोगो को याद किया जाता है। उन अनेक महान राजाओं में महाराणा प्रताप,शिवाजी महाराज,  सम्राट अशोका,चंद्रगुप्त मौर्य,और भी कई सारे राजा थे। उनमें से एक राजा पृथ्वीराज चौहान भी थे। आज हम पृथ्वीराज चौहान से जुड़ी कुछ ऐसी दिलचस्प बातें बताएंगे जिनको आप अभी नहीं जानते होंगे।

महान राजा पृथ्वीराज चौहान का जन्म सन 1168 में अजमेर में हुआ था। उनके पिता का नाम सोमेश्वर चौहान और माता का नाम कमला देवी था। पृथ्वीराज चौहान को 13 वर्ष की उम्र में ही राजगद्दी मिल गया था। पृथ्वीराज चौहान दिल्ली के सिंहासन पर राज करने वाले अंतिम स्वतंत्र हिंदू शासक थे। पृथ्वीराज चौहान कितने बहादुर थे आप इस बात से अंदाजा लगा सकते हो कि वह बिना अस्त्र के एक शेर का जबड़ा फाड़ दिया था वह भी महज 16 साल की उम्र में।

कहते हैं ना हर इंसान में कुछ न कुछ खास बात तो होती ही है वैसे ही पृथ्वीराज चौहान की भी एक खास बात थी वह यह थी कि वह बिना देखे आवाज के जरिए बाण चलाकर दुश्मन को परास्त कर सकते थे। पृथ्वीराज चौहान एक ऐसे योद्धा थे जिन्होंने कम समय में कई राजाओं को परास्त कर गुजरात तक अपनी राज सीमाओं को बढ़ा दिया था। और उनकी शूर वीरता को देखकर कई राजा जलने लगे थे उनमें से एक थे जयचंद। लेकिन जयचंद की बेटी संयोगिता पृथ्वीराज चौहान की बहादुरी के किस्से सुनकर मन ही मन में पृथ्वीराज चौहान को चाहने लगी थी।

लेकिन जयचंद को यह कदाची मंजूर नहीं था। इसीलिए जयचंद ने अपनी बेटी संयोगिता का स्वयंवर आयोजित किया। स्वयंवर की जरिए हिंदू वधू को अपना वर खुद चुनने की अनुमति होती थी। स्वयंवर में जयचंद जितने भी हिंदू राजा थे सब को न्योता भेजा था लेकिन वह जानबूझकर पृथ्वीराज चौहान को न्यौता नहीं दिया। साथ ही पृथ्वीराज चौहान को बेइज्जत करने के लिए राज दरबार पर पृथ्वीराज चौहान की मूर्ति लगवाई।

लेकिन संयोगिता ने भी सभी राजाओं को छोड़कर पास में रखे पृथ्वीराज चौहान की मूर्ति पर वरमाला चढ़ा लिया। लेकिन संयोग की बात यह है कि उस मूर्ति के भेष में खुद पृथ्वीराज चौहान खड़े थे। उसके बाद पृथ्वीराज चौहान ने संयोगिता को उठाया और अपनी घोड़े पर बिठाकर द्रुत गति से अपनी राजधानी दिल्ली की तरह चलने लगे। लेकिन जयचंद ने भारी संख्या में सेना लेकर पृथ्वीराज चौहान पर हमला बोल दिया। 1190 में दोनों राजाओं के बीच विशाल युद्ध हुआ जिसमें दोनों राजाओं का काफी नुकसान हुआ।

इसका फायदा उठाते हुए अफगानी घुसपैठिया मोहम्मद गोरी ने पंजाब के रास्ते भारत में घुस गया था। लेकिन कुछ ही समय बाद मोहम्मद गौरी को बेड़ियों में बांधकर पृथ्वीराज चौहान की राजधानी पिथौरागढ़ लाया गया। पृथ्वीराज के समक्ष दया की भीख मांगी और पृथ्वीराज चौहान ने भी मोहम्मद गोरी को क्षमा कर दिया। लेकिन फिर 1192 में मोहम्मद गोरी ने पृथ्वीराज चौहान पर आक्रमण कर दिया और पृथ्वीराज चौहान को हरा दिया।

उसके बाद पृथ्वीराज चौहान को बांधकर अफ़गानिस्तान लाया गया। पृथ्वीराज चौहान के सामने जब मोहम्मद गोरी आए उस समय पृथ्वीराज चौहान मोहम्मद गोरी की आंखों में आंखें मिला कर देख रहे थे जिससे मोहम्मद गौरी को काफी अपमानित महसूस हुआ। इसलिए उसने आंखें नीचे करने का आदेश दिया लेकिन उन्होंने कहा आज मेरी वजह से ही तू जिंदा है और एक राजपूत की आंखें मौत के बाद नीचे होती है पृथ्वीराज की यह बात सुनकर मोहम्मद गौरी आग बबूला हो गया और उसकी आंखें जला देने का आदेश दिया।

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Hello friends My name is Vishal Kumar and I am very interested in history and mystery and I am 24 years old and I started blogging since 2018 and after that I took knowledge about every mystery and I wondered why Also, the information about every mystery is misery, and then I created blogs in Hindi and English, and then convey information through this to you. I am thinking that everyone knows about the mystery, the world's story, all about Hindi and English and you know all about every secret and everything.

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