महबूबा मुफ्ती पार कर गईं भारत के खिलाफ बदजुबानी की सीमा

महबूबा मुफ्ती पार कर गईं भारत के खिलाफ बदजुबानी की सीमा

महबूबा मुफ्ती पार कर गईं भारत के खिलाफ बदजुबानी की सीमा ! बोलीं- हिंदुस्तान वालो मिट जाओगे..

महबूबा मुफ्ती पार कर गईं भारत के खिलाफ बदजुबानी की सीमा
महबूबा मुफ्ती पार कर गईं भारत के खिलाफ बदजुबानी की सीमा 

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती हर रोज अपने कथित भारत विरोधी बयानों के कारण सुर्खियों में आ रही हैं. एक बार फिर उन्होंने हिंदुस्तान के लोगों के खिलाफ बयानबाजी की है. इस बार उन्होंने कहा है कि हिंदुस्तान वालों संभल जाओ नहीं तो मिट जाओगे।

दरअसल, दिल्ली हाईकोर्ट में महबूबा मुफ्ती को लोकसभा चुनाव लड़ने से रोकने के लिए एक जनहित याचिका दायर की गई है. इसी से खफा महबूबा मुफ्ती ने विवादित ट्वीट कर दिया. उन्होंने लिखा, "कोर्ट में समय क्यों बर्बाद करना.. धारा 370 को हटाने के लिए बीजेपी का इंतजार करें. ये खुद ही हमें चुनाव लड़ने से रोक देगा क्योंकि भारतीय संविधान अब जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होगा. ना समझोगे तो मिट जाओगे ऐ हिंदुस्तान वालों.. तुम्हारी दास्तां तक भी ना होगी दास्तानों मे।

Why waste time in court. Wait for BJP to scrap Article 370. It will automatically debar us from fighting elections since Indian constitution won’t be applicable to J&K anymore. Na samjho gay tou mit jaouge aye Hindustan walo. Tumhari dastaan tak bhi na hogi dastaano main. https://t.co/3mvp2lndv2

Mehbooba Mufti (@MehboobaMufti) April 8, 2019

इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगर धारा 370 हटा तो 2020 तक कश्मीर को भारत से अलग कर लेंगे. ऐसा बयान देकर एक तरह से उन्होंने घाटी को भारती से अलग करने के लिए डेडलाइन निर्धारित कर दी थी।

अनंतनाग से पर्चा भरने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा था कि कांग्रेस और पीडीपी का एजेंटा एक जैसा है. धारा-370 हटाना जम्मू-कश्मीर को देश से अलग करना है. उन्होंने कहा था, "अगर केंद्र सरकार संविधान के अनुच्छेद 370 को खत्म करती है तो कश्मीर और भारत के बीच रिश्ता खत्म हो जाएगा." उनके इस बयान के बाद खूब बवाल मचा था।
Mahbooba mufti ne fir ugale jahar

पहले भी उन्होंने कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लिए अनुच्छेद 370 एक पुल की तरह है. आप उस पुल को तोड़ेंगे तो फिर जो महबूबा मुफ्ती जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान के संविधान की कसम खाती है और आवाज उठाती है तो फिर वह आवाज कैसे उठाएगी. उन्होंने कहा था कि ऐसा करने के बाद आपको दोबारा जम्मू-कश्मीर और हिंदुस्तान का रिश्ता बनाना होगा और इसकी नई शर्त होगी।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर में वहां के लोगों को विशेषाधिकार देने के लिए धारा 370 (Article 370) और धारा 35ए (Article 35A) लागू है. ये धारा राज्य में स्थायी नागरिकता और जमीन खरीदने संबंधी मामलों से जुड़े हैं. इसे लेकर घाटी में काफी तनाव रहता है।

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